डर है !


कुछ ख्वाहिशें है मेरी , उम्मीदों से परे… उन्हे पाने की चाह छोड़ दूं…. ये डर है!! कुछ चाहत है मेरी, ख़्वाहिशों से परे.. उनसे क्या उमीद करूँ…ये डर है…!! […]

Read Article →