तेरी दोस्ती का शुक्रिया


To all my friends…On Friendship Day 2011, some lines for our days of remembrance!

याद है मुझे तेरे साथ के वो दिन….
वो घर के आँगन में डोलना,
खेलने के लिए वो एक ही खिलोना पसंद होना|
वो प्यार से मेरे गालों को सहलाना
और कभी ज़ोर से अंजाने में थप्पड़ मारना
रोना…रुलाना और फिर चुप कराना||

याद है वो कॉलोनी के मैदानों मे भागते फिरना,
क्लब के कोने वाले नल से ठंडा पानी पीना|
एक दूसरे के घर रातों को रहेना,
भूत की कहानियाँ कहना, डरना,
खुद भी डरते हुए एक दूसरे पे फिर भी हसना ||

हाथ पकड़ कर स्कूल की सड़क पार करना
क्रिकेट की बैट-बॉल को लेकर बेहेस करना|
के जी क्लास से शुरू, एक साथ बड़े होना,
टीचर के आँख का तारा बनना,
सफलता पे कभी जलना,
और कभी फक्र करना,
एक्ज़ाम देना, पास करना, फेल करना||

बगल वाले स्कूल की लड़कियाँ देखना,
स्टेज पर एक साथ गाने गाना,
पटना, पटाना, जीतना, जिताना|
कॉलेज के सीढ़ियों पे गानो की महफ़िल,
क्लास बंक करना, फिर भी पास होना,
कॅंटीन की टेबल पर तबला बजाना,
पॉपुलर होना, या वैसा दिखावा करना|

काम पे लगना,
वक़्त के साथ
और उसके आगे-पीछे भागना|
वीकेंड पर फिर भी मिलना,
समोसा-चिकिन और दारू पीना||
एक दूसरे की शादियों में नाचना,
सालियों से नोक झोंक,
और मॅच-मेकिंग करना…

याद है मुझे तेरे साथ के वो दिन….
मेरे यार, मेरे दोस्‍त,
मुझसे दोस्ती का शुक्रिया|

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